सिक्स्थ सेंस ऐक अनसुलझा रहस्य…!

सिक्स्थ सेंस ऐक अनसुलझा रहस्य…!

सिक्स्थ सेंस एक ऐसा अनसुलझा हुआ ऐसा रहस्य है जिसे हर कोई जान ना चाहता है पर कोई जान ना सका. सिक्स्थ सेंस वर्ड के बारे मैं सब ने जरूर सुना होगा और देखा भी होगा. सिक्स्थ सेंस के बारे मैं बहुत सारे आर्टिकल्स और नोवेल्स भी लिखे गए है, सिक्स्थ सेंस के नाम से एक मूवी भी बनि भी है. सिक्स्थ सेंस सब्जेक्ट एक ऐसा रहस्यमई सब्जेक्ट है जिस पर जितनी भी बाते की जाये उतनी ही कम है. आज हम सिक्स्थ सेंस से जुड़े हुए हर सेंटेंस  को अच्छे से पढ़े गे और अच्छे से समजेंगे. कुछ साल पहले ज़न्नत (जन्नत) मूवी आई थी और उस में हीरो इमरान हाश्मी थे. उस मूवी मैं इमरान हाश्मी क्रिकेट मैच को लेकर भविष्यवाणी करता है जैसे कोनसा प्लेयर खेलेगा और कितने रन बनाएगा और कौन आउट हो जायेगा और सट्टा जित जाता है. जभी कोई फ्यूचर (भविष्य) मैं घटना होती है और उस की जानकारी हमें अभी के समय मैं पता चल जाता है तो उसे सिक्स्थ सेंस कहा जाता है. जैसे नस्त्रे दामास नाम के इंसान का सिक्स्थ सेंस इतना सारा स्ट्रांग था की उसने ५००० साल आगे की भविस्यवाणी लिखी हुई है. और भी किस्से सुने है जैसे हमारे ऋषि मुनि ध्यान लगते हुए हज़ारो किलोमीटर दूर तक आसानी से ऐक जगह से दूसरी जगह आसानी से कुछ ही मिनट मैं पहुंच जाते थे और वे लोगो के मन की बातो को भी आसानी से पढ़ लेते थे वो सब सिक्स्थ सेंस का ही कमाल है.हमारे देश के ऋषि मुनिओ के पास आज के टेक्नोलॉजी से भी एडवांस टेक्नोलॉजी उन के पास थी और उन्होंने बहुत सारी बुक्स भी लिखी थी. उन ऋषि मुनिओ के लिखी हुई किताबो मैं इतनी ताकत थी की वे मुर्दे इंसान को भी ज़िंदा कर सकते थे. सिक्स्थ सेंस हर इंसान के पास होता है और वो अंडर डेवलप्ड सिचुएशन मैं होता है और उसे डेवलप्ड करने के लिए हमें हमारी सिक्स्थ सेंस को जागृत करना पड़ता है.

साइंटिस्ट ने रिसर्च मैं बताया है की सिक्स्थ सेंस दिमाग से जुडी हुई प्रक्रिया है जो सतत काम करती रहती है और दुनिया के हर इंसान के पास होती है. इस के चलते कोई भी इंसान अपने या अपने फॅमिली मेंबर पर भविष्य मैं होने वाली घटना को पहले से देख लेता है और समज जाता है की फ्यूचर मैं उस के या उस के फॅमिली मेंबर के साथ क्या क्या होने वाला है? सिक्स्थ सेंस के चलते कोई भी व्यक्ति को फ्यूचर मैं होने वाली घटना के सिगनल किसी ना किसी रूप मैं मिल जाते है. किसी बड़े व्यक्ति से ज्यादा बच्चो मैं सिक्स्थ सेंस को फील करने की ताकत सब से ज्यादा होती है पर बच्चे जैसे जैसे जब बड़े होने लगते है तो उन का दिमाग भी अलग अलग एक्टिविटीज मैं डाइवर्ट होने लगता है और वो भूलने लगते है. सिक्स्थ सेंस दिमाग और गैलेक्सी ( ब्रह्माण्ड ) से कनेक्ट हो कर काम करता है. हज़ारो सालो पुराने वेदो मैं ये लिखा गया है की गैलेक्सी ( ब्रह्माण्ड ) के अंदर भूतकाल , वर्तमान , भविष्य मैं होने वाली घटना के सब राज़ ब्रह्माण्ड मैं छुपे हुए होते है और सिक्स्थ सेंस की मदद से हम उस की जानकारी हाशिल कर सकते है. जब हम दिमाग के सेंसर को जागृत कर देते है और उसे एक्टिविटी से बढ़ा देते है तो हम भविष्य मैं होनेवाली घटना को अच्छे से साफ़ साफ़ देख सकते है और समज सकते है. मानसिक चेतना की त्रीवता जितनी तेज़ होती है उस का भविष्य भी उतना साफ़ दिखने लगता है.कुछ लोगो मैं सिक्स्थ सेंस देखने की कैपेसिटी ( कला) जन्मजात से होती है या फिर उस विषय मैं गहराई से अभ्यास कर हाशिल कर सकते है.

अब हम ये जान ने की कोशिश करेंगे की सिक्स्थ सेंस को कैसे जागृत किया जा सकता है. कुछ ऐसे टिप्स है जिसे अनुशरन करने के बाद सिक्स्थ सेंस जैसी कुदरती शक्तियों को हासिल कर सकते है.

  1. सब से पहले हमें ऐसी जगह ढूंढनी  चाहिए जहा कोई आवाज़ आती ना हो और एक दम शांत हो वहां पर हम ध्यान लगा कर हमारे दिमाग मैं छुपी चेतना को जागृत कर सकते है, जैसे हम घर मैं अकेले रूम मैं या फिर किसी जंगल जैसी सुंसाम जगह पर जाकर या जहां पर्वत हो वैसी जगह पर जाकर हम अच्छे से ध्यान लगा सकते है.
  2. हम किसी विशेष मंत्रो का रोज जाप करने से भी हमारी सिक्स्थ सेंस की शक्तियों को जागृत कर सकते है, जैसे ॐ मंत्र का हररोज उच्चारण करने से या स्मरण करने से भी आप को बहुत सारा फायदा होगा.
  3. हमने कई बार देखा है जब किसी इंसान का अकस्मात् होता जाता है या उस के शरीर का कोई हिस्सा ख़राब हो जाता है तो फिर वो अपने अंदर की तकनीक का विकास करता है और पहले की तरह काम करने लगता है जैसे अंध व्यक्ति अपने घर पर रखी चीज़ो को सही जगह से ले लेता है और रख देता है या किसी व्यक्ति के हाथ नई होते फिर भी वो कटे हुए हाथो से अच्छी तस्वीर बना लेता है ये सब सिक्स्थ सेंस की वजह से कर लेता है.
  4. हम योगासन की मदद से भी दिमाग की चेतना का अच्छेसे से जागृत कर सकते है.  हमारे ऋषि मुनि भी योगासन किया करते थे और योगासन भारत संस्कृति की ही देन है और वैज्ञानिको ने भी ये बात को माना है. हररोज ऐक घंटे योगासन करना चाहिए जिस से हमारी बॉडी के मसल सक्रीय रहते है और हमारे दिमाग का ध्यान ऐक जगह पर लगा रहता है. योगासन से किसी भी बीमारी को ख़तम किया सकता है ऐसा रिसर्च मैं भी कहा गया है.

सिक्स्थ सेंस ऐसा पेचीला विषय है जिस पर जितनी भी चर्चा करि जाए फिर भी कम है और उस पर विचार करना अंनत विचारो को रूप देने के बराबर है. दोस्तों हम ने सिक्स्थ सेंस के बारे मैं जितना जाना, समजा और रिसर्च किया उतना हम ने इस आर्टिकल मैं आप के लिए मेहनत से लिखा है. हम यही आशा और एक्सपेक्टेशन रखते है की आप को हमारा ये आर्टिकल अच्छा लगा होगा और आप लोग इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद अपना पर्सनल व्यू या विचार को कमेंट कर के बता सकते है. आप के पास भी सिक्स्थ सेंस को लेकर कोई नॉलेज है तो हमें बताये. दोस्तों आप लोगो को मेरा ये आर्टिकल अच्छा लगा होतो आप ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और लोगो को जरूर बताये.

Share via Whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *