11वा वेज सेटलमेंट और बैंक एम्प्लाइज

11वा वेज सेटलमेंट और बैंक एम्प्लाइज

आज पब्लिक सेक्टर बैंको मैं NPA (नॉन परफार्मिंग एसेट्स )का लेवल हाई हो गया है और बहुत सी PSU बैंको को लेकर दिन पे दिन नए नए स्कैम्स (भ्रष्टाचार) बहार आ रहे है. बड़े बड़े बिज़नेस टाइकून और इकोनॉमिस्ट PSU बैंको को प्राइवेट करने की बात कर रहे है पर वो ये क्यों नई देख रहे है की बैंक के अंदर बैठे बैंक एम्प्लाइज उन वाइट कॉलर बिज़नेसमेन को लोन देने नई गए थे जो उन की तरफ तरह तरह के नए नए स्टेटमेंट दिए जा रहे है. हमारे PM साब बैंक एम्प्लाइज के मन की बात क्यों नई करते जो NOV 2017 से 11 वा वेज सेटलमेंट अटका पड़ा है. NOV 2016 मैं नोट्स का demonatization (विमुद्रीकरण) हुआ था और बैंक एम्प्लाइज के हार्डवर्क को देख कर PM साब को भी तारीफ़ करनी पड़ी थी. आज लाखो बैंक एम्प्लाइज 11वा वेज सेटलमेंट का इंतज़ार कर रहे है और उनकी सुन ने वाला कोई नई है. NDTV मैं रविश कुमार जी ने प्राइम टाइम मैं बैंक एम्प्लाइज को लेकर जो बैंक सीरीज चलाई है और बैंक के अंदर की बैंक एम्प्लाइज की हालत दिखाई है उसे देख कर उस के लिए उनकी जितनी भी तारीफ़ की जाये उतनी कम है. ABP न्यूज़ पर भी घंटी बजाओ शो मैं अनुराग जी ने भी बैंक वेज सेटलमेंट को लेकर तीन बार शो को दिखाया और अब तक 13 लाख मिस्ड साल भी आ चुके है फिर भी गवर्नमेंट ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया. सब लोग जानते है की IBA और यूनियन मीटिंग्स की बस डेट्स बढ़ती है अगली मीटिंग के लिए पर सोल्युशन कुछ नई आता. आज बैंक एम्प्लाइज CPC के तहत अपने सैलरी के लिए डिमांड रख रहे है जो की जायज़ है, जब इंडियन रेलवे लोस मैं चल रही है फिर भी रेलवे एम्प्लाइज को बोनस दिया जाता है तो बैंक एम्पलॉईस को NPA का हवाला बताकर क्यों लटका दिया जाता है. 21 मार्च को आल इंडिया बैंक स्ट्राइक हुआ जिस मैं WE BANKER टीम ने बैंक कर्मचारी ओ के हितो के रक्षा के लिए अपना मुखय रोल को प्ले किया. अनुराग चन्द्रा और सारांश जी की लीडरशिप मैं हज़ारो बैंक एम्पलॉईस ने पार्लामेंट भवन के बहार धरना प्रदर्शन किया और सोती हुई सरकार को जगाने को कोशिस की.

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आज मुझे ये आर्टिकल बैंक एम्प्लाइज की हालत को देखते हुये लिखना पड रहा है. जब बात आती है गवर्नमेंट प्रोग्राम और गवर्नमेंट स्कीम्स को सक्सेस बनाने की तब बैंक और बैंक एम्प्लाइज का अच्छे से उपयोग किया जाता है और प्रोग्राम को सक्सेस्फुल बनाने के लिए बहुत प्रेशर किया जाता है. जब बात बैंक एम्प्लाइज के वेज रिवीजन की आती है तब NPA का रीजन बताकर लम्बा दिया जाता है. यूनियन लीडर्स के साथ मीटिंग्स और नेक्स्ट मीटिंग के नाम पर डेट्स को आगे बढ़ा दिया जाता है. आज पद्मावती मूवी के रिलीज़ के लिए देश का सुप्रीम कोर्ट का एक दिन मैं जजमेंट आ जाता है पर RRB बैंक एम्प्लाइज का केस जो सालो से कोर्ट मैं लटका कर रखा है उस केस मैं सालो बित जाने के बाद भी कोई डिसीजन नहीं आता. आज देश मैं हालत ये है की देश का जुडिशल सिस्टम और मीडिआ ऐसे सेंसिटिव टॉपिक पर बात करने से भी दूर भागता है. आज भी ऐसा लगता है की देश गुलामी मैं बंधा हुआ है और असली आज़ादी अभी मिलना बाकी है. आज हम सिर्फ देश के बैंक एम्प्लाइज के हक्क की बात करेंगे. बैंक के एम्प्लाइज भी एक सोल्जर की तरह देश मैं लोगो की सेवा कर रहे है. आज भी याद है जब बैंक मैं demonatization (विमुद्रीकरण) हुआ था तब बैंक एम्प्लाइज रात को 12 बजे तक बैठ कर ब्रांच मैं काम किया करते थे. उस टाइम ऐसा भी आया 95 % बैंक केशियर केश मैं सॉर्टेज आने के वजह से उन्हें पैसे जोड़ने पड़े जैसे डुप्लीकेट नोट्स वापस आना, ब्रांच मैं कॅश मैच ना होना, केश मैनेजमेंट मैं एरर आना आप सब को याद है ना?

बैंक मैं वेज सेटलमेंट हर 5 साल मैं एक बार आता है और जब वेज सेटलमेंट आता है उस के बाद 2 या 3 साल दिले (DELAY ) हो जाता है और तब भी लोस बैंक एम्प्लाइज को होता है जैसे ARREARS का 30 % टैक्स गवर्नमेंट को पेय करना होता है और 4 से 5 % लेवि यूनियन अकाउंट मैं जमा करानी होती है. आज जितने भी लोग बैंक मैं काम कर रहे है जानते होंगे की पहले से अब बैंक मैं वर्कलोड बहुत ज्यादा बढ़ गया है और बैंक एम्प्लाइज को स्टाफ की शोर्टेज होते हुये भी पूरा काम करना पड रहा है. न्यूज़ मैं आप लोगो ने पढ़ा होगा की बैंक एम्प्लोयी ने वर्क स्ट्रेस की वजह से सुसाइड कर लिया और बैंक कर्मचारी को हार्ट अटैक आने से बैंक कर्मचारी की जान चली गई. आज बैंक का ये हाल हो गया है की NPA रिकवरी के लिए ब्रांच टारगेट एचीव करने के लिए भी बैंक कर्मचारी को हॉलिडे के दिन ब्रांच मैं आकर काम करना पड रहा है. ऐसा क्यों की कोई नहीं है जो बैंक एम्प्लाइज के लिए आगे आये और उनकी आवाज़ को उठाये और उन के हक्क के लिए लड़े. ऐक तमिल हीरोइन प्रिया प्रकाश के वीडियो को हिट कराने के लिए मीडिया वालो ने तो सारी हदे पार कर दी. आज बैंक मैं यूनियन के नाम पर इतने सारे यूनियन है की कुछ पता नई चल रहा क्यों की सारे यूनियन के एजेंडा अलग अलग है जो आपस मैं मैच ही नई हो रहे. अगर यूनियन को स्ट्रांग बनाना है तो पहले यूनियन लीडर्स को ऐक साथ आकर अपना एजेंडा डिसाइड करना पड़ेगा और अपनी ताकत को दिखाना पड़ेगा.

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जब 2014 मैं नई सरकार आई थी तो सब लोगो को उन से बहुत सारी उम्मीदे थी पर अब लोगो का विश्वास धीमे धीमे कम होने लगा है उस की वजह है फ़ास्ट डिसीजन ना ले पाना और इलेक्शन मैं बिजी रहना. आज गवर्नमेंट ने जजो (JUDGES ) की सेलरी 250 % बढ़ा दी है और मेंबर ऑफ़ पार्लामेंट की सैलरी भी बढ़ा दी है, इलेक्शन कमीशन एम्प्लाइज की भी सैलरी बढ़ा दी है तो फिर बैंक एम्प्लाइज की सैलरी को क्यों रोक कर रखा हुआ है इस का जवाब ना सरकार के पास है ना हमारे पास है और खास बात ये है की जब IBA से पूछा जाता है तो उन के पास भी जवाब नहीं है ये है हमारे देश का असली सिस्टम ! बैंक और बैंक एम्प्लाइज राम भरोसे पे चल रहे है. ऐक बात सच है की अमीर इंसान और अमीर होता जा रहा है और गरीब इंसान और गरीबी बोझ के तले मरता जा रहा है. अगर भारत देश मैं असली ज़िन्दगी देखनी हो तो कभी रूरल (RURAL) एरिया मैं आना वहां पर आप को असली जिंदगी देखने को मिलेगी जैसे बैंक के बहार लम्बी लम्बी लाइने और ब्रांच मैं कनेक्टिविटी नहीं है और बैंक मैं कॅश भी नहीं है. हम आशा करते है आप को ये आर्टिकल अच्छा लगा होगा आप अपना व्यू बताये कमैंट्स कर के और लोगो मैं जानकारी शेयर करे.

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9 Replies to “11वा वेज सेटलमेंट और बैंक एम्प्लाइज”

  1. S abhi union ko ek hons chahie aur kewal class banking karni chahie govt ke kam ko bilkul bhi tavajjo nai dena chahie even jo scheme govt bank ke through chalana chahe Uska bhi bycott karma chahiye

  2. Sir Aap sabhi ek Nahi hain . Sabhi members union ko chhod do. Lagta hai union thik se kam Nahi kar rahi. Sarkar ka rabaiya employees ke hit main Nahi hai. Na to employment de rahi hai aur n hi wage rivision .Aap ko kam ke tale dabaya ja raha hai , Aapki kamai se gulchharre dusre log uda rahe hai, Sabka betan badaya ja Sakta hai ,Qn ki aap ek Nahi hain. Main kisi ke khilap Nahi hu . Shri Ravish kumarji ne kaha tha ki bank union Levi ki bajah se ise Nahi Kara rahi . Sarkar janti hai ki ye Kam to karenge hi kitna bhi satalo.

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